10 शिक्षकों ने 100 बच्चों को लिया गोद, स्कूल के बाद पढ़ाएंगे

सरकारी स्कूल के 10 शिक्षकों ने 100 बच्चों को गोद लिया है। इन बच्चों को हर दिन स्कूल के बाद पढ़ा उम्र सापेक्ष दक्ष बनाने के लिए यह पहल की गई है। ये शिक्षक इन बच्चों को पढ़ाई से संबंधित हर सामग्री भी उपलब्ध कराएंगे। सरकारी स्कूलों में अभियान चलाकर धड़ल्ले से बच्चों का नामांकन तो ले लिया गया, लेकिन 7वीं के बच्चों को चौथी कक्षा का ज्ञान भी नहीं है। इन बच्चों को सत्र की समाप्ति से पहले कक्षा लायक दक्ष बनाने के लिए सरकारी स्कूल के शिक्षकों ने यह पहल की है। राजकीय बुनियादी स्कूल बखरी के शिक्षकों की यह कोशिश मॉडल बनी है। गुरुवार को पहले चरण में 50 बच्चों को पढ़ाई से संबंधित सामग्री उपलब्ध करा स्कूल टाइम के अलावा पढ़ाने की शुरुआत की गई। शिक्षकों ने कहा कि पिछले वर्ष कोरोना महामारी के संक्रमण के उपरांत लॉकडाउन की बाध्यता समाप्त होने के बाद विद्यालय में पठन-पाठन प्रारंभ किया गया। नए सत्र की शुरुआत होने से पहले ही मार्च महीने में शिक्षा विभाग की ओर से विशेष नामांकन अभियान प्रवेशोत्सव का आयोजन किया गया। इस प्रवेशोत्सव में वैसे बच्चे जो बिहार से बाहर रहते थे एवं कोरोना संक्रमण के दौरान लॉकडाउन में अपने घर वापस आ गए थे और उनका शिक्षण कार्य बाधित था, वैसे बच्चों का नजदीकी विद्यालय में उम्र सापेक्ष नामांकन धड़ल्ले से ले लिया गया। लेकिन, अब विद्यालय में नियमित रूप से पढ़ाई प्रारंभ हुई तो बहुत ही चौंकाने वाला परिणाम सामने आया। प्रवेशोत्सव के दौरान नामांकित कुछ ऐसे बच्चों को वर्ग शिक्षकों ने चिह्नित किया है जिनमें वर्ग सापेक्ष दक्षता नहीं है। बुनियादी विद्यालय बखरी के शिक्षक केशव कुमार ने कहा कि इस समस्या के समाधान के लिए विभागीय निर्देश के आलोक में प्रतिदिन अंतिम घंटी में शिक्षकों की ओर से रेमेडियल क्लास की शुरुआत की गई है। रेमेडियल क्लास के संचालन में प्राय: यह देखा जा रहा है कि कुछ बच्चे ऐसे हैं जिनके पास आवश्यकतानुसार पठन-पाठन सामग्री उपलब्ध नहीं है। इस समस्या के समाधान के लिए प्रभारी प्रधानाध्यापक सुमित कुमार, शिक्षक रामबाबू राय, राजकुमार सिंह, केशव कुमार, मुकेश कुमार, अभिषेक कुमार, शिक्षिका विमल कुमारी, अनिता कुमारी, सुकीर्ति राय एवं अनामिका कुमारी ने निर्णय लिया कि हमलोग इनको पाठॺ सामग्री उपलब्ध करेंगे

बच्चों को गाने व डांस से सिखाया जा रहा गणित

शिक्षक केशव ने कहा कि इन बच्चों की पढ़ाई काफी पीछे है। ऐसे में हम नया प्रयोग कर रहे हैं। गाने और डांस के साथ बच्चों को गणित समेत अन्य विषय पढ़ाये जा रहे हैं, ताकि बच्चे जल्दी से सीख सकें। पठन-पाठन सामग्री, सभी विषय के लिए अलग अलग अभ्यास पुस्तिका, कलम, कागजी पेंसिल और ऑल इन वन किताब इन बच्चों को दिया गया है

न्यूज़ : अनामिका (हिंदुस्तान)

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