जेल से छूटे 160 शातिरों के सोशल नेटवर्क सर्विलांस पर ।।

बीते पांच माह के दौरान जेल से छूटे 160 शातिरों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए पुलिस ने उनके सोशल साइट्स को सर्विलांस पर रखा है। इन शातिरों पर लूट, हत्या, रंगदारी, डकैती और आर्म्स एक्ट में केस दर्ज है। पुलिस सर्विलांस सेल के 10 जवान व अधिकारी इनके सोशल साइट के सभी पोस्ट और तस्वीरों को खंगाल रहे हैं। मैसेज, कॉल डिटेल और सर्विलांस के अन्य माध्यमों से पुलिस इनकी टोह ले रही है। सबसे अधिक जोर जेल से छूटे शराब धंधेबाजों के सोशल साइट पर दिया जा रहा है।

एसएसपी जयंतकांत ने बताया कि अब शातिर मोबाइल कॉलिंग के बजाय सोशल साइट से मैसेज और ऐप कॉलिंग अधिक कर रहे हैं। इसे देखकर पुलिस सर्विलांस सेल को भी अपडेट किया गया है। सर्विलांस के कई ऐप और डिवाइस मुख्यालय से उपलब्ध कराए गए हैं जिससे फेसबुक से लेकर व्हाट्सऐप और अन्य ऐप के सर्विलांस में आसानी हो गई है। एसएसपी ने बताया कि एक दर्जन से अधिक लोगों को द्वेषपूर्ण (हेट) पोस्ट डालने के लिए सर्विलांस पर रखा गया है। ये अक्सर वैश्विक और राष्ट्रीय स्तर के मुद्दे पर इस तरह के पोस्ट डालते हैं। विधि व्यवस्था के मद्देनजर कई बार इस तरह के हेट पोस्ट को हटवाया गया है। धार्मिक जुलूस के समय पारू व मोतीपुर में हुई घटना के बाद इस मुद्दे पर विधि-व्यवस्था के मद्देनजर बड़े पैमाने पर सोशल साइट को सर्विलांस पर लिया गया। इससे पुलिस को अफवाह फैलाने वालों पर अंकुश लगाने में मदद मिली।।

जिले में अधिकांश डिलीवरी ब्वॉय व्हाट्स ऐप मैसेज और कॉलिंग के जरिए शराब की होम डिलीवरी करते हैं। उन्हें दबोचने में उनके सोशल साइट्स खंगालने से मदद मिलती है। अहियापुर के एक अपहरण कांड में शातिर ने कॉलिंग ऐप का इस्तेमाल किया था। सर्विलांस सेल की टीम के बेहतर काम से बच्चे को अपराधियों के चंगुल से मुक्त कराने में सफलता मिली। इसके अलावा रंगदारी के मामलों में भी अपराधी अब कॉलिंग ऐप और इंटरनेट कॉलिंग कर रहे हैं। इससे उनकी लोकेशन मुश्किल होती है लेकिन सर्विलांस सेल की सक्रियता से इन मामलों का भी खुलासा किया जा रहा है। सर्विलांस सेल का डाटा बैंक बनाने के लिए अपराधियों के करीबी रिश्तेदारों के मोबाइल नंबर भी गिरफ्तारी के समय लिए जा रहे हैं ताकि जेल से छूटने के बाद उन नंबरों के सहारे अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।।

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