Thomas Cup थॉमस कप में भारतीय बैडमिंटन टीम ने रचा इतिहास 5 बार की चैंपियन को हराकर पक्का किया मेडल


भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम ने थॉमस कप (Thomas Cup 2022) में इतिहास रच दिया है। टीम ने 43 साल बाद टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में पहुंच गई है। इससे पहले 1979 में टीम अंतिम बार सेमीफाइनल में पहुंची थी। इसके साथ ही भारतीय टीम का मेडल भी पक्का हो गया है। भारत ने इससे पहले इंटर जोनल फाइनल में पहुंचने पर तीन कांस्य जीते थे। क्वालीफाइंग प्रारूप में बदलाव के बाद यह पहला मौका है जब देश ने टूर्नामेंट में पदक पक्का किया है। भारत ने रोमांचक क्वार्टर फाइनल में मलेशिया को 3-2 से हराया।

पहले मैच में लक्ष्य को मिली हार
5 बार की चैंपियन मलेशिया के खिलाफ दुनिया की 8वें नंबर की चिराग शेट्टी और सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी की जोड़ी, वर्ल्ड चैंपियनशिप के सिल्वर मेडलिस्ट किदांबी श्रीकांत और एचएस प्रणय को जीत मिली। भारतीय टीम के लिए शुरुआत खराब रही। विश्व चैंपियनशिप के कांस्य विजेता लक्ष्य सेन (Lakshya Sen) को हार का सामना करना पड़ा। 46 मिनट तक चले मुकाबले में लक्ष्य को वर्ल्ड चैंपियन ली जी जिया के खिलाफ 21-23 9-21 से हार मिली।

दूसरे और तीसरे मैच में जीता भारत

दूसरे मुकाबले में चिराग और सात्विकसाईराज की जोड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दुनिया के 13वें नंबर के खिलाड़ी गोह से फी और नूर इजुद्दीन को 21-19 21-15 से हराकर 5 मैचों के इस इवेंट को 1-1 से बराबर कर दिया। श्रीकांत (Kidambi Srikanth) ने इसके बाद अपने दमदार खेल से वर्ल्ड नंबर-46 एनजी त्जे योंग को 21-11 21-17 से हराकर भारत की बढ़त को 2-1 कर दी। विश्व रैंकिंग में 45वें स्थान पर काबिज कृष्णा प्रसाद गरागा और विष्णुवर्धन गौड़ पंजाला की जोड़ी को इसके बाद आरोन चिया और टीओ ई यी के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा।

प्रणय ने पक्की की जीत

जिससे भारत को अगले दौर में ले जाने का दारोमदार प्रणय पर आ गया। विश्व रैंकिंग के 23वें स्थान के खिलाड़ी प्रणय शुरूआत में 1-6 से पिछड़ रहे थे लेकिन उन्होंने 22 साल के हुन हाओ लेओंग के खिलाफ शानदार वापसी करते हुए 21-13 21-8 की जीत के साथ भारत का पदक पक्का कर दिया। सेमीफाइनल में भारत का सामना दक्षिण कोरिया औऱ डेनमार्क के बीच होने वाले मुकाबले की विजेता टीम से होगा।

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