बिहार अनलॉक-4: दफ्तरों में अब पूरी क्षमता के साथ होगा काम, इन शर्तों के साथ स्‍कूल-कॉलेज भी खुलेंगे |



बिहार में सात जुलाई से अनलॉक-4 का ऐलान कर दिया गया है। मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को क्राइ‍सिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक के बाद इसके लिए नई गाइडलाइन का ऐलान किया। नए निर्देशों के मुताबिक बिहार के सभी सरकारी और गैर सरकारी दफ्तरों में अब पूरी क्षमता से काम होगा।


50 प्रतिशत बैठने की क्षमता के साथ रेस्‍टोरेंट और खानपान की दुकानें भी खुलेंगी। इसके साथ ही विश्वविद्यालयों, सभी कॉलेजों, तकनीकी शिक्षण संस्थानों, सरकारी प्रशिक्षण संस्थान, 11वीं और 12 वीं तक के विद्यालयों को भी 50% छात्रों की उपस्थिति के साथ खोलने की इजाजत दे दी गई है।


बिहार में अनलॉक-3 छह जुलाई को खत्‍म हो रहा है। सोमवार को अनलॉक-3 तक के परिणामों की समीक्षा क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक में की गई। समीक्षा में पाया गया कि राज्‍य में कोरोना के मामलों में लगातार कमी आ रही है। इसके साथ ही कुछ मामलों में अभी भी सावधानी की जरूरत है।


सोमवार को सीएम नीतीश ने अपने अधिकारिक ट्वीटर अकाउंट से ट्वीट के जरिए बजाया कि बिहार में सभी सरकारी और गैर सरकारी कार्यालयों को सामान्य रूप से खोलने का निर्णय लिया गया है। टीका प्राप्त आगंतुक कार्यालय में प्रवेश पा सकेंगे। रेस्टोरेंट एवं खाने की दुकान का संचालन 50% बैठने की क्षमता के साथ हो सकेगा। अभी भी सावधानी की जरूरत है। विश्वविद्यालय, सभी कॉलेज, तकनीकि शिक्षण संस्थान, सरकारी प्रशिक्षण संस्थान, ग्यारहवीं एवं बारहवीं तक के विद्यालय 50% छात्रों की उपस्थिति के साथ खुलेंगे। शैक्षणिक संस्थानों के व्यस्क छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं कर्मियों के लिए टीकाकरण की विशेष व्यवस्था होगी।

सिर्फ टीका लगवा चुके कर्मचारी ही पाएंगे प्रवेश
अनलॉक-4 में सभी सरकारी, गैर सरकारी दफ्तर सभी कर्मचारियों-अधिकारियों के लिए खोल तो दिए गए हैं लेकिन इनमें सिर्फ टीका लगवा चुके लोगों को ही प्रवेश मिलेगा। जाहिर है हर कर्मचारी-अधिकारी के लिए कोरोना का टीका लगाना अनिवार्य होगा। इसके लिए राज्‍य में विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है।


छात्रों शिक्षकों को लगेगा टीका
विश्‍वविद्यालयों, स्‍कूलों-कालेजों में भी सभी शिक्षकों, कर्मचारियों और व्‍यस्‍क छात्र-छात्राओं को टीका लगवाया जाएगा। इसके लिए विशेष व्‍यवस्‍था की जाएगी। कोरोना की तीसरी लहर की आशंकाओं को देखते हुए स्‍कलों-कालेजों-विश्‍वविद्यालयों और अन्‍य शिक्षण संस्‍थानों में अभी सिर्फ 50 प्रतिशत उपस्थिति की अनुमति दी गई है। शिक्षण संस्‍थाओं में सभी को कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करना होगा।

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