पापा, मैं अच्छी बेटी नहीं बन पाई; मुजफ्फरपुर में फंदे से लटकी छात्रा, सुसाइड नोट बरामद

मुजफ्फरपुर जिले के काजी मोहम्मदपुर थाना के रामदयालु नगर स्थित मुक्तिनाथ मंदिर के पास मोहल्ला में 25 वर्षीया छात्रा ने ओढ़नी से पंखे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। वह बेतिया के भैरोगंज थाना क्षेत्र की रहनेवाली थी। शनिवार की सुबह उसका शव बंद कमरे का दरवाजा तोड़कर फंदे से उतारा गया। पुलिस को कमरे से सुसाइड नोट मिला है। इसमें उसने मां और पिता को संबोधित करते हुए कहा है, ‘पापा मैं अच्छी बेटी नहीं बन पायी। इसलिए मर जाना ही मेरे लिए बेहतर है। इसके लिए किसी का कोई दोष नहीं है। पुलिस इस मामले में किसी को परेशान नहीं करें।’

पुलिस ने मां के बयान पर यूडी केस दर्ज किया है। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को शव सौंप दिया। मां ने पुलिस को बताया कि कोरोना से पहले छात्रा अपने भाई के साथ मुक्तिनाथ मंदिर के पास चंद्रभूषण प्रसाद के मकान में किराये पर रहकर पढ़ाई करती थी। कोरोना काल के दौरान किराये का मकान खाली कर दोनों बेतिया चले आए थे। इस दौरान छात्रा जब भी कॉलेज व अन्य कार्यों से शहर आती थी तो मकान मालिक के घर ही रुकती थी। मकान मालिक के परिवार वालों से उसकी घनिष्ठता हो गई थी।

15 सितंबर को मां और पिता को बीएड का फॉर्म भरने की बात बताकर बेतिया से छात्रा मुजफ्फरपुर आयी थी। 16 सितंबर की दोपहर को छात्रा से मां व पिता ने फोन पर बात की। तब उसने मां को बताया कि मकान मालिक के घर पर पूजा है। प्रसाद का फल काट रही है। तब वह सामान्य थी।

उसी दिन रात आठ बजे मकान मालिक की पत्नी ने छात्रा की मां को कॉल किया। उसने बताया कि छात्रा का कमरा अंदर से बंद है और वह कोई जवाब नहीं दे रही है। इसके बाद मोबाइल से वीडियो कॉल कर परिवार वालों से मकान मालिक की पत्नी ने बात की। वीडियो कॉलिंग में मां सब देख रही थी कि किस तरह कमरे का दरवाजा तोड़ा गया और अंदर कमरे में शव किस तरह फंदे से लटक रहा था। शव को फंदे से उतारा गया। छात्रा का मोबाइल और इयरफोन बेड पर ही रखा था.

मां ने पुलिस को बताया है कि छात्रा ने आत्महत्या क्यों की, उसे नहीं मालूम है। पुलिस ने छात्रा का मोबाइल जांच के लिए रखा है। कॉल डिटेल खंगाली जा रही है। काजी मोहम्मदपुर थानाध्यक्ष दिगंबर कुमार ने बताया कि छानबीन शुरू कर दी गई है।

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