Nirahua भोजपुरी को आठवीं अनुसूची में शांमिल किया जाए लोकसभा में अपने पहले ही भाषण में छाए निरहुआ

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ से भाजपा सांसद दिनेश लाल यादव निरहुआ (Dinesh Lal Yadav Nirahua) ने मंगलवार को पहली बार लोकसभा में अपनी बात रखी। शून्यकाल के दौरान भाजपा सांसद ने भोजपुरी को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किये जाने का मामला उठाया। भोजपुरी वर्ग में उनके भाषण और मांग की खूब चर्चा हो रही है। हाल में आजमगढ़ संसदीय क्षेत्र से निर्वाचित निरहुआ ने सदन में कहा कि 16 देशों में बोले जाने वाली भोजपुरी को यूनेस्को ने भी मॉरीशस के अनुरोध पर अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर के रूप में मान्यता दी है। उन्होंने पूर्ववर्ती यूपीए सरकार पर भोजपुरी को संवैधानिक दर्जा देने के विषय पर झूठे आश्वासन देने का आरोप भी लगाया।

दिनेश लाल यादव निरहुआ अपने पहले ही भाषण में छा गए। उन्होंने भोजपुरी का मामला उठाकर भोजपुरी भाषियों के मन की मुराद पूरी कर दी। निरहुआ ने लोकसभा में कहा कि नियमों की अस्पष्टता और भाषाओं में भेद नहीं करने के नाम पर वर्षों तक भोजपुरी को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल नहीं किया जा सका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने भोजपुरी को बढ़ावा देने के लिए सकारात्मक पहल की हैं और उम्मीद है कि इस भाषा को संवैधानिक दर्जा देने के संबंध में भी निर्णय लिया जाएगा।

भाजपा सांसद ने कहा कि अब, हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं जो असंभव को भी संभव बनाने के लिए जाने जाते हैं। मुझे विश्वास है कि सरकार भोजपुरी को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने के लिए कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि अपनी भाषा का सम्मान हर कोई करता है। भारत सरकार की ओर से स्थानीय भाषा को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है। लोकसभा में निरहुआ ने अपने भाषण की शुरुआत करते हुए कहा कि भाषा अपने अस्तित्व का बोध कराती है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के उद्धहरण का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि मातृभाषा के प्रति उन्होंने कृतज्ञ होने की बात कही थी।

दिनेश लाल यादव निरहुआ भोजपुरी फिल्मों के सुपरस्टार माने जाते हैं। भोजपुरी गीतों से उनकी पहचान बनी है। ऐसे में निरहुआ ने इस मुद्दे के उठाकर भोजपुरी वर्ग के एक बड़े तबके की वर्षों पुरानी मांग को आवाज दी है। निरहुआ ने कहा कि भोजपुरी भाषा के अधिकार की लड़ाई वर्ष 1967 से जारी है। अब इसका अधिकार मिलना चाहिए। निरहुआ आजमगढ़ लोकसभा उप चुनाव में जीत दर्ज कर लोकसभा पहुंचे हैं। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने यूपी चुनाव 2022 में जीत दर्ज करने के बाद यह सीट खाली की थी। उप चुनाव में सपा ने इस सीट से धर्मेंद्र यादव को चुनावी मैदान में उतारा, लेकिन भाजपा के निरहुआ ने सपा के इस दुर्ग में सेंधमारी कर जीत दर्ज की है। अब वे भाषा की बात कर लोगों को अपनी तरफ लाने की कोशिश में हैं।

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